प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना। किसानों को मोदी का नया तोहफा 2026। Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: किसानों का सुरक्षा कवच-

आज हम बात करेंगे एक ऐसी योजना के बारे में जो आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बना रही है – प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana)|

इस योजना का नाम तो अपने जरूर सुना होगा, मगर क्या आप जानते हैं कि ये योजना कैसे काम करती है?
इस योजना का क्या फायदा है? बीमा का पैसा किसानों तक कैसे पहुँचता है?

फसल बीमा योजना का परिचय-

जैसा की आप सबको पता है की भारत एक कृषि प्रधान देश है — यहाँ लगभग 60% से ज़्यादा आबादी खेती बाढ़ी करके अपना पोषण करती है। सभी लोग खेती पर निर्भर है। मगर खेती पर निर्भर होने वाले लोगों को बहुत सी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। जैसे कभी बेमौसम बारिश हो जाती है, जिससे फसलों के ख़राब होने का डर रहता है। तो कभी सूखा पड़ जाता है या कभी कीटोँ का हमला हो जाता है और ऐसी स्थिति में किसान का सब कुछ बर्बाद हो सकता है। इन्ही परेशानियों को देखते हुऐ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना” (PMFBY) को लागू किया । इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से बचाना और उनको आर्थिक सहायता देना है।

प्रधानमंत्री फसल बिना योजना के मुख्य उद्देश्य-

  1. गरीब किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाना ।
  2. मौसम से खेतों में होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में उनकी मदद करना उन्हें आर्थिक सहायता देना।
  3. खेती बाड़ी में किसानों को सहायता देना उनकी मदद करना ताकि किसान आत्मनिर्भर बन सकें।
  4. किसानों के लिए कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रमुख विशेषताएँ-

  1. कम प्रीमियम, ज्यादा सुरक्षा :-

किसानों को बहुत ही कम premium के साथ साथ अनेक सुरक्षा और सुविधा प्रदान की जाती है जैसे –

  • खरीफ फसल के लिए सिर्फ 2%,
  • रबी फसल के लिए 1.5%,
  • और बागवानी या वाणिज्यिक फसलों के लिए 5%
  1. सभी प्रकार की खेती बाड़ी में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा जैसे-

फसल लगाने के समय सूखा पड़ना या बाढ़ का आना, ओले पढ़ने से फसल का ख़राब होना , तूफान का आना, बेमौसम बारिश की वजह से फसल का ख़राब होना जैसी आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करती है ।

  1. फसल को लगाने के बाद और फसल कटाई से पहले और फसल कटाई के बाद तक का पूरा कवरेज जैसे-

फसल को बोने से लेकर कटाई तक अगर किसान के फसल लगाने के बाद अगर फसल किसी कारण से ख़राब हो जाती है तो भी किसानों को मुआवजा दिया जायेगा|

  1. डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT) सिस्टम

अब किसानों के खातों में DBT सिस्टम के द्वारा पैसा ट्रांसफर किया जाता है जिससे लोगों में भ्रष्टाचार की भावना कम होती है और किसानों को आसानी से पैसा मिल जाता है ।

  1. टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से मदद जैसे –

किसानों के फसल नुकसान होने पर उसको देखने के लिए सैटेलाइट, मोबाइल ऐप्स और ड्रोन सर्वे की मदद ली जाती है ताकि मुआवजा तय करने में या पैसा देने में पारदर्शिता बनी रहे।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ किसको मिल सकता है कौन कर सकता है आवेदन?
  1. इस योजना का लाभ उन सभी किसानों को मिल सकता है जिन्होंने अपनी भूमि में खेती की है। जो किसान खेती करते है वो किसान इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है ।
  2. इस योजना के लिए वो सभी किसान भी आवेदन कर सकते है जिन्होंने बैंक से कृषि ऋण लिया है। वो भी इस योजना का लाभ उठा सकते है।
  3. किरायेदार या बटाई पर खेती करने वाले किसान भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते है । आवेदन प्रक्रिया –
  4. ऑनलाइन आवेदन

जिन किसानों को इस योजना का लाभ चाहिए और आवेदन करना चाहते है वो आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
इसमें आपको फार्म भरना होता है जिसमें आपको अपनी पूरी जानकारी भरनी होती है जिसमें फसल, क्षेत्र, बैंक अकाउंट, और भूमि विवरण की पूरी जानकारी देनी होती है।

  1. ऑफलाइन आवेदन

अगर आपके वहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो आप अपने किसी आस पास के CSC (कॉमन सर्विस सेंटर), बैंक शाखा, या कृषि विभाग कार्यालय में जाकर आवेदन करा सकते हैं।

आवेदन करने के बाद किसान को एक रसीद या पॉलिसी नंबर मिलता है, जिससे वह अपनी बीमा स्थिति ट्रैक कर सकता है।

मुआवजा कैसे मिलता है?

  1. जब किसानों के फसल में नुकसान होता है तो किसान अपने फसल नुकसान की रिपोर्ट अपने ग्राम पंचायत या कृषि अधिकारी को सूचित करता है।
  2. उसके बाद सर्वे किया जाता है सरकारी टीम फसल की स्थिति का सर्वे करती है।
  3. डेटा एनालिसिस — नुकसान का प्रतिशत तय किया जाता है। की किसानों का कितना नुकसान हुआ है।
  4. क्लेम अप्रूवल — बीमा कंपनी और सरकार द्वारा मुआवजा राशि तय की जाती है।
  5. DBT के जरिए भुगतान — पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में डाला जाता है।

प्रधानमंत्री फसल बिना योजना के फायदे-

  1. प्रधानमंत्री फसल बिना योजना से किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है। प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर किसानों को नुकसान नहीं झेलना पड़ता उन्हें आर्थिक मदद दी जाती है।
  2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के द्वारा किसानों को बीमा की राशि मिलने पर किसानों को समय पर अपना बैंक ऋण चुकाने में मदद करती है।
  3. प्रधानमंत्री फसल बिना योजना से किसान दोबारा खेती करने का आत्मविश्वास पा रहे हैं।
  4. प्रधानमंत्री फसल बिना योजना की मदद मिलने से किसानों की आत्महत्या दर में भी कमी आई है, क्योंकि अब उनके पास सुरक्षा कवच है।

प्रधानमंत्री फसल बिना योजना से जुड़े कुछ अहम तथ्य-

  • 2024 तक इस योजना से 8.3 करोड़ किसानों को लाभ मिला था।
  • और अब तक ₹1.4 लाख करोड़ से ज़्यादा की बीमा राशि किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है।
  • प्रधानमंत्री फसल बिना योजना में 50 से ज़्यादा बीमा कंपनियाँ शामिल हैं।
  • सरकार लगातार डिजिटल सर्वे सिस्टम को लागू कर रही है ताकि किसानों को मुआवजा और तेजी से मिल सके।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अब सिर्फ एक सरकारी प्रोग्राम नहीं है बल्कि किसानों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है। इस योजना ने किसानों के जीवन में दुखों को दूर किया है। अगर आप किसान हैं या आपके घर में कोई खेती करता है, तो उन्हें इस योजना होनी चाहिए ताकि वो इस योजना का लाभ उठा सके।
क्योंकि सही जानकारी ही किसी को उसका हक दिला सकती है। और किसानों की मदद कर सकती है इसलिए इस योजना का लाभ हर किसान को दिया जाता है।

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