स्टार्टअप इंडिया योजना क्या है?
यह उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना है । सरकार इनोवेशन को बढ़ावा देना और देश को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाना चाहती है । क्योंकि अभी तक हमारे देश के अधिकतर युवा नौकरी की तलाश में रहते हैं, लेकिन स्टार्टअप इंडिया के माध्यम से वो अब अपना व्यवसाय शुरू करके उसे आगे बढ़ा सकते हैं और नौकरी देने वाला बन सकते हैं । इस योजना की शुरुआत 16 जनवरी 2016 को की गई । तो आइये जानते हैं स्टार्टअप इंडिया के बारे में विस्तार से ।
योजना का उदेश्य
इसका मुख्य उदेश्य भारत में युवाओं को इनोवेशन और और व्यापार की तरफ अग्रसर करने का है । इसीलिए भारत सरकार स्टार्ट अप इंडिया के माध्यम से कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाती है ।
स्टार्टअप इंडिया में कितना लोन मिलता है?
इस स्कीम में में एस एसटी समुदाय की महिलाएँ 10 लाख रूपये से लेकर 1 करोड़ रूपये तक का लोन प्राप्त कर सकती हैं | उन्हें इस लोन की राशि पर सब्सिडी भी मिलती है जोकि इसलिए योजना का मुख्य आकर्षण है । अगर आप एस एसटी नहीं हैं तब भी आप इस योजना का लाभ ले सकते हैं ।
इस योजना से पैसा कैसे मिलेगा?
- अगर आप इस योजना से लोन लेना चाहते हैं तो निम्नलिखित कार्य करना होता है:-
- आप यह देखें की आप पात्र हैं या नहीं ।
- अगर आप पात्र हैं तो आप पैसा प्राप्त कर सकते हैं ।
- पात्र हैं तो स्टार्ट अप इंडिया पोर्टल पर पंजीकरण करें और लॉगिन कीजिये।
- सभी जरूरी दस्तावेज एकत्रित कीजिये।
- लोन के लिए अप्लाई कीजिये।
- दस्तावेज जमा कीजिये और सत्यापन के लिए प्रतीक्षा कीजिये ।
- ज़ब आपका दस्तावेज चेक हो जायेगा तो आपको लोन मिल जायेगा।
इस योजना के तहत लोन लेने की पात्रता क्या है?
- इकाई एक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी,एक पंजीकृत साझेदारी फर्म या सीमित देयता भागीदारी (LLP) HONI चाहिए ।
- कम्पनी शुरुआत की तिथि से 10 साल से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।
- किसी भी वित्तीय वर्ष में कारोबार 100 करोड़ से ज्यादा ना हो।
- व्यापार किसी इनोवोशन की की पृष्ठ भूमि पर होना चाहिए ।
- सबसे जरूरी बात स्टार्टअप को औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता मिलनी चाहिए।
- आपका व्यापार या संगठन ऐसा नहीं होना चाहिए जो पहले बंद हुआ हो और फिर उसे दोबारा शुरू किया गया हो ।
अगर आप यह सभी पात्रता को पूर्ण करते हैं है तो आप आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन कैसे करें?
निम्नलिखित चरणों में आवेदन कर सकते हैं :-
आवेदन करने के चरण
पहला चरण:- Stratup India की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना खाता बनायें और लॉगिन करना है । आप राष्ट्रीय एकल विंडो प्रणाली के माध्यम से भी लॉगिन कर सकते हैं ।दूसरा चरण :- लॉगिन करने के बाद होम पेज पर जाकर ” स्टार्टअप के रूप में पंजीकरण ” के विकल्प को चुनें । उसके बाद पंजीकरण करने के लिए ” अभी आवेदन करें ” पर क्लिक करें । उसके बाद जो फॉर्म आपके सामने आएगा उसको भरें | जिसमें आपकी आपको अपने व्यवसाय से जुड़ी जानकारी भरनी है ।
तीसरा चरण :- सभी जानकारी भरने के बाद अपने दस्तावेज अपलोड करें । लेकिन अपलोड करने से पहले ये जरूर जाँच लीजिये की सभी दस्तावेज स्पष्ट रूप से पढ़ने के काबिल होने चाहिए ।
चौथा चरण :- सब कुछ भरने और जाँचने के बाद आवेदन जमा कीजिये । जमा करने के बाद आपको एक रसीद मिलेगी उसका प्रिंट निकाल लीजिये ।
पांचवा चरण :- अब स्टार्टअप इंडिया के अधिकारी आपके आवेदन की समीक्षा करेंगे अगर सब ठीक पाया जाता है, तो आपका आवेदन स्वीकार कर लिया जायेगा ।छठा चरण :- आवेदन स्वीकार्य होने के बाद आपको डीपीआईआईटी मान्यता प्रमाणपत्र और एक मान्यता संख्या मिलती है,जिसको आप वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं ।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- कंपनी का पैन कार्ड
- जीएसटी पंजीकरण प्रमाण पत्र
- कम्पनी की बैंक स्टेटमेंट
- बिजनेस प्लान
- अन्य दस्तावेज :- स्व प्रमाणन फॉर्म और कम्पनी से जुड़ा प्राधिकरण पत्र
योजना का लाभ
- स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण की प्रकिया को आसान बनाया गया है ।
- स्टार्टअप को मज़बूत बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ के लक्ष्य के साथ समर्पित फंड रखा गया है।
- फंडिग प्राप्त करने में सहायता के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम ।
- अनुसूचित अनुसूचित जनजाति पर महिलाओं के लिए एक करोड रुपए तक का रियायती ऋण ।
- स्टार्ट अप को कैपिटल गेन टेक्स में छूट मिलता है । इनोवेशन को बढ़ावा मिलने का लाभ मिलता है । क्योंकि बायोटेक्नोलॉजी में इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है प्रोटोटाइप विकास के लिए ₹20 लाख और बाजार पहुंच के लिए ₹50 लाख तक की निवेश की मदद मिलता है ।
- कानूनी सलाह में मदद आवेदन की आसान प्रकिया सार्वजनिक खरीद के नियम आसान बनाएं गए हैं ।
योजना कि समस्याएँ क्या हैं?
- सरकार की तरफ से बहुत सारी सुविधाएं देने के बावजूद भी जो सरकारी विभाग में अधिकारी होते हैं उन्मे से कुछ भ्रष्टाचारी होते हैं । जिस कारण आवेदन की समीक्षा में देरी हो जाती है ।
- लोगों को पैसा मिलना में दिक्कत होती है । हालांकि सरकार ने बहुत कोशिश की है कि लोगों को आसानी से आर्थिक मदद मिले जिससे वह अपना स्टार्टअप शुरू कर सकें । स्टार्टअप को बढ़ा सके लेकिन अगर दस्तावेजों में कमी हो जाए तो फंड मिलने में बहुत दिक्कत होती है ।
- अक्सर देखने में आता है कि स्टार्ट अप तो लोग कर देते हैं । लेकिन उनके अंदर प्रतिभा की कमी रहती है क्योंकि हमारे यहां सरकारी नौकरी पर ज्यादा जोर दिया जाता है । हमारे समाज में स्टार्ट अप को बहुत सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता है ना ही समाज का रुझान इस तरह है ।
- स्टार्टअप इंडिया के लिए कंपनी के हेतु जो नियम बनाए गए हैं वह नियम बहुत से स्टार्टअप के लिए बाधा बन जाते हैं ।
- स्टार्ट अप योजना अक्सर शहरों में सीमित रह जाता है । गांव के स्तर पर यह अभी उतना नहीं पहुंच पाया है जितना इसके लिए सपना देखा गया है ।
आवेदन में किसको लोन मिलेगा
- डीपीआईआईटी मान्यता वाले स्टार्ट अप ।
- एलएलपी या पंजीकृत भागीदारी फर्म या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ।
- यह योजना मुख्यतः अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यामियों को बढ़ावा देती है । उन्हें 10 लख रुपए से 1 करोड रुपए तक का रियायती ऋण मिल जाता है ।
किसको नहीं मिलेगा
- ऐसे स्टार्ट अप जो डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त नहीं हैं ।
- ऐसे स्टार्टअप जो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी,पार्टनरशिप फर्म या LLP के रूप में पंजीकृत नहीं हैं ।
3 ऐसे स्टार्टअप जो 10 साल से ज्यादा पुराने हैं । - ऐसे स्टार्ट अप जिनका वार्षिक कारोबार 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है ।
- जिनमें इनोवेशन की कमी है ।
- जिनके दस्तावेज में कमी रहती है । स्टार्टअप इंडिया सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना साबित हो रही है जिसके माध्यम से लोग स्टार्टअप में आगे बढ़ रहे हैं और अपना व्यवसाय शुरू कर रहे हैं ।
अगर आपका कोई सवाल है तो आप कमेन्ट करके पूछ सकते हैं ।